Category Archives: Hindi Poem/ Stories

I was thinking to publish poems and stories written by me, but typing in Hindi was a big trouble. Then i came with a solution in terms of image. sharing with you all. thanks for hanging here.

अंतर्द्वंद्व

कितना हौसला और ? कितनी और सांसें?
सब न्यूनतम सी प्रतीत होती हैं,
असिमितताओं के मध्य ! Continue reading

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Soch “सोच”

बोलने की जगह लिखने ने ले ली !!
अब मैं बेबाक अनवरत लिखती जाती,
और लिख कर फेक देती वो कागज, हवा में उड़ने !! Continue reading

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ऐसा क्यूँ ?

निवाला लिया और सीधा मुँह में
सूखे गले से निवाला नीचे उतरता नहीं !! अटका और पीड़ा दे गया !! Continue reading

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KAVITA “”कविता””

पता है, पागल कहते हैं लोग तुम्हें
उन्हें क्या कहूं , मन फंसा सा है तुम्हारा , मुझ में
गुनते बुनते रहते हो मुझे , हर वक्त
कुछ ने तो कहा नशा करते हो, Continue reading

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जीवन

पूछा था न तुमने, सुनो फिर Continue reading

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वो बहुत अमीर है

बड़े होते हैं सभी के!! पर उनमे से, सभी का एक दोस्त ऐसा होता है जो सबसे अमीर है, लेकिन कहीं बैठ कर, दोस्त यार अगर गपशप करते हुए चाय पी ले तो सौ रुपये का बिल देने के नाम पर नज़रे चुरा लेगा !! सबसे अच्छी बात यह है कि चाय में कमियाँ भी वही निकाल रहा होगा !! आपके हमारे ऐसे किसी दोस्त के लिए कुछ पंक्तियाँ !! Continue reading

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“श्रृंगार”

“दिन भर तुम्हारा बाहर रहना, और मैं घर पर राह तकती तुम्हारी, झांकती कभी खिड़की से तो कभी जालियों से, कभी सुनती आवाजें, लगाती ध्यान उन पर, पहचानने के लिए, तुम्हारी आहट, के भाग आऊं भीतर, सुनकर ही दरवाजे की … Continue reading

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“कोटर”

रूई से उड़ते बादल, पेड़ों की झूमती डालियां,
अधखिली कोपलें, पल्लवित कुसुम,
होड़ में.स्वागतातुर,
इनके बीच मेरा घोंसला, झाँकती एक कोटर से,
देखती आज मैं भी, भोर होते हुए !! Continue reading

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“बादल “

मन ही तो है “मेरा”
बह रहा है तुम्हारे वेग से
कभी तुम मुझ से ओर मैं तुम सी
बरसते तुम भी, बरसती मैं भी !!

दीप्ति!! Continue reading

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वात्सल्य !!

आज फिर उमड़ते बादलों ने, याद दिला दी,  मेरे बचपन और तुम्हारी सहज कोशिशों की, एक चलचित्र सा, चल रहा था मेरी आँखों में!! ओस और कुहरे की परवाह न करते थे तुम, छोड़ देते थे मुझे सरसों के लहलहाते … Continue reading

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